नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के विजय रथ को रोकने को विपक्ष एकजुटता के लिए रणनीति बना रहा है. राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष पद सौंपने के बाद यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी गठबंधन को मजबूत करने में जुटी हुई हैं. मंगलवार को उन्होंने कई विपक्षी पार्टियों के नेताओं को डिनर पर आमंत्रित किया है.

-जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन, जेडीएस के उपेंद्र रेड्डी, केरल कांग्रेस के जोश के मनी भी डिनर में शामिल होने पहुंचे


- डिनर में शामिल होने के लिए शरद पवार पहुंचे


-हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के जीतनराम मांझी, सपा के रामगोपाल यादव,  डीएमके की तरफ से कनिमोझी, वामपंथी दलों की ओर से मोहम्मद सलीम, डी राजा और जेवीएम के बाबूलाल मरांडी पहुंचे.


-डिनर में शामिल होने के लिए मीसा भारती, तेजस्वी यादव, बदरुद्दीन अजमल पहुंच चुके हैं.

-IUML के कुंजिआली कुट्टी, कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, रणदीप सुरजेवाला और अहमद पटेल पहुंचे


-कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद भी डिनर में शामिल होने पहुंचे


इस डिनर पर सीपीआई नेता डी राजा ने कहा कि उन्हें पता चला है कि इसमें और कुछ पार्टियां शामिल हो रही हैं, हालांकि उन्हें यह नहीं पता कि यह क्यों आयोजित की गई है. उन्होंने संभावना जताई कि अभी नहीं, लेकिन भविष्य में गठबंधन बन सकता है.


इस डिनर में 2019 लोकसभा चुनाव के लिए रणनीति पर विचार हो सकता है. इस डिनर में करीब 17 विपक्षी पार्टियों के नेताओं के शामिल होने की संभावना है. हालांकि, इन पार्टियों के अलावा भी कई चेहरे ऐसे हैं जिनपर सभी की नज़र है. इनमें बाबूलाल मरांडी और जीतन राम मांझी का नाम भी शामिल है. दोनों मंगलवार शाम को सोनिया के डिनर में शामिल हो सकते हैं.


इनको भेजा गया है आमंत्रण


कांग्रेस, सपा, बीएसपी, टीएमसी, सीपीएम, सीपीआई, डीएमके, जेएमएम, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा, आरजेडी, जेडीएस, केरल काँग्रेस, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, आरएसपी, एनसीपी, नेशनल कांफ्रेंस, एआईयूडीएफ, आरएलडी को न्यौता भेजा गया है.


कई पार्टियां इस डिनर में अपने प्रतिनिधियों को भी भेज सकती हैं. दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस डिनर में शामिल नहीं होंगी, हालांकि उनकी पार्टी की तरफ से प्रतिनिधि जरूर हिस्सा लेंगे.


दरअसल, शरद पवार ने खुद विपक्षी पार्टियों के लिए डिनर आयोजित किया है, इसलिए उनके शामिल होने पर संशय बरकरार है. शरद पवार ने कांग्रेस को भी अपने डिनर के लिए निमंत्रण भेजा है. शरद पवार टीआरएस को भी डिनर में शामिल होने के लिए बुलावा भेज सकती है.


साफ है कि इस डिनर डिप्लोमेसी के जरिये सोनिया एक तीर से दो निशाना साधना चाहती हैं. विपक्षी नेताओं को डिनर पर बुलाकर वह ये साबित करना चाहती हैं कि मोदी के विकल्प के तौर पर बनने वाले गठजोड़ का नेतृत्व कांग्रेस के पास ही होगा.