कभी-कभी हमारी आंखों के सामने से कुछ ऐसा गुजरता है, जिस पर यकीन कर पाना बड़ा ही मुश्किल होता है.


गुजरात के भावनगर में रहते हैं 15 साल के जीत त्रिवेदी, जिनके हुनर को जानकर आप भी कहेंगे OMG! अजब-गजब है मेरा इंडिया. ऊपर वाले ने इन्हें आंख नहीं, एक्स-रे दिया है.


जीत के हैरतअंगेज कारनामें ऐसे हैं कि देखने वाले दातों तले ऊंगलियां दबा लेते हैं. जीत आंखों पर पट्टी बांधकर स्कूटर चलाने में एक्सपर्ट हैं.


यही नहीं, जीत आंखों पर पट्टी बांधकर शतरंज भी खेल लेते हैं. इसके अलावा वो अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर सुई में धागे भी पिरो लेते हैं.

जीत की इस कला को जानकर आप चौंकिये नहीं, दरअसल ये कोई अजूबा नहीं, बल्कि पूरा का पूरा विज्ञान है.


इस मामले में जीत के टीचर भरत पटेल बताते हैं कि दिमाग की कई अलग-अलग तरह की एक्सरसाइज़ का नतीजा है कि जीत आंखों पर पट्टी बांधकर भी सामने हो रही हरकत या वस्तु के बारे में जान लेते हैं.


जीत त्रिवेदी मल्टी टास्किंग के चैंपियन हैं. वो एक साथ न सिर्फ तीन लोगों के साथ चेस खेलते हैं, बल्कि तीनों को हरा भी देते हैं.


अपने नाम के मुताबिक जीत ने लेह से खार दुंग ला तक 40 किलोमीटर ब्लाइंड फोल्डेड स्कूटर चला कर भी एक रिकॉर्ड बनाया है.


ये है भारत के नन्हें करतबबाज जीत त्रिवेदी के हैरतअंगेज किस्से, जो उन लाखों युवाओं को रास्ता दिखाते हैं, जो हुनरमंद होते हुए भी सामने आने से हिचकिचाते हैं.